पैसे के लिए करण जौहर को बेचना पड़ा था कैमेरा, बुरे दिनों में फरिश्ता बन आए थे अमिताभ।

यह कहानी है जौहर फैमिली की जिनकी फिल्में आपने देखी होंगी लेकिन उनके संघर्ष के बारे में शायद ही जानते हो जहर परिवार ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं लेकिन उनके इस सफर में कई उतार चढ़ाव आए यश जौहर धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक एक समय पर इतने आर्थिक संकट में थे कि उन्हें अपना घर गिरवी रखना पड़ा यश जौहर का सपना था कि वे अपने प्रोडक्शन हाउस को ऊंचाइयों तक ले जाएं लेकिन इसके लिए उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा 1990 के दशक के अंत में धर्मा प्रोडक्शंस का डार्क फेज चल रहा था ।

फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी और प्रोडक्शन हाउस की आर्थिक स्थिति दिन बदिनी जा रही थी आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि यश को कैमरा लाइट्स जैसी चीजें बेचनी पड़ी यह उनके लिए एक बहुत ही कठिन समय था क्योंकि वे अपने सपनों को टूटते हुए देख रहे थे इसी दौरान हीरू जहर को दिल का दौरा पड़ा जिससे परिवार पर और बोझ बढ़ गया परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी और अब इस स्वास्थ्य संकट ने उन्हें और भी मुश्किल में डाल दिया ऐसे कठिन समय में फरिश्ता बनकर आए अमिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन जो यश जौहर के करीबी दोस्त थे ने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ दिया यश जहर के करीबी दोस्त अमिताभ बच्चन ने हमेशा यश जौहर का साथ दिया और इस बार भी वे पीछे नहीं हटे।

जब यश ने अमिताभ बच्चन को अपनी पत्नी की बीमारी और आर्थिक तंगी के बारे में बताया तो अमिताभ बच्चन तुरंत शूटिंग छोड़कर अस्पताल पहुंचे यह उनके दोस्ती और समर्पण का एक बड़ा उदाहरण था अस्पताल में मुलाकात के बाद अमिताभ बच्चन ने यश जौहर को अग्निपथ फिल्म के लिए डेट्स दी यह फिल्म यश जौहर के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आई उन्होंने यश जौहर को फिल्म बनाने का प्रस्ताव दिया जो स्कार फेस पर आधारित थी यह फिल्म फिल् यश जोहर के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट था और उन्होंने इसे पूरी मेहनत और लगन से बनाया।

हालांकि फिल्म शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही लेकिन बाद में इसे कल्ट क्लासिक का दर्जा मिला अग्निपथ ने यश जहर को एक नई पहचान दी और धर्मा प्रोडक्शंस को फिर से खड़ा किया सालों बाद करण जौहर ने बताया कि उनके पिता ने लोन लेकर धर्मा प्रोडक्शन शुरू किया था करण जौहर ने अपने पिता के संघर्ष और मेहनत को हमेशा सराहा है दोस्ताना जैसी फिल्मों की सफलता के बावजूद उन्हें कई असफल का सामना करना पड़ा हर सफलता के पीछे कई असफलताएं छुपी होती हैं और जोहर परिवार ने भी इसका सामना किया।

करण को इस बात का अफसोस है कि उनके पिता कंपनी के सफल दौर को देखने के लिए जीवित नहीं रहे उन्होंने अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की और धर्मा प्रोडक्शंस को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया यश जोहर ने 30 साल तक कंपनी में प्रोडक्शन कंट्रोलर का काम किया उनकी मेहनत और समर्पण ने धर्मा प्रोडक्शंस को एक मजबूत नीव दी यह कहानी हमें सिखाती है कि किसी भी स सलता के पीछे कितनी मेहनत और संघर्ष छुपा होता है।

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