पर्दे के पीछे कुछ ऐसी कहानियां होती हैं जो हमें झकझोर कर रख देती हैं. पर्दे पर नजर आने वाले कई सितारे ऐसे हैं जिनका अंत बेहद बुरा हुआ है. आज हम आपको ऐसे ही 5 सितारों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी असल जिंदगी की कहानी बेहद दर्दनाक रही.महेश आनंद: 80-90 दशक में अपने शानदार अभिनय से इंडस्ट्री में जबरदस्त पहचान बनाने वाले महेश आनंद एक अभिनेता के साथ-साथ एक अच्छे डांसर और मार्शल आर्ट के एक्सपर्ट थे. 13 अगस्त 1961 को जन्मे महेश अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उनकी जिंदगी की सच्ची कहानी बड़ी दर्द से भरी थी. उनका अंत भी बहुत बुरा था. मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि एक स्टंट के दौरान उन्हें ऐसी चोट लगी कि 6 महीने अस्पताल और उसके बाद तीन साल तक घर में बिस्तर पर उन्हें रहना पड़ा था. इस दौरान उनका वजन 38 किलो कम हो गया था और उनकी हड्डियां खराब हो गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन सबके कारण उन्हें काम न मिलने की वजह वह में भी चले गए थे. महेश आनंद कई साल तक गरीबी में जीते रहे. वह अकेलेपन में रहे, जबकि महेश ने अपनी जिंदगी में 5 शादियां की थीं. महेश आनंद ने साल 2017 में एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि उनके पास पीने का पानी खरीदने तक के पैसे नहीं हैं. कोई परिवार नहीं है और न ही इस दुनिया में मेरा कोई दोस्त है.
एके हंगल: साल 1975 में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली फिल्म ‘शोले’ के रहीम चाचा हो या फिल्म ‘लगान’ के शंभू काका. इन किरदारों के बारे में बात करते ही एक बुजुर्ग शख्स की छवि सामने आती है. इस किरदार को निभाया था लेजेंडरी एक्टर अवतार किशन हंगल उर्फ एके हंगल ने. उनकी अदाकारी ऐसी थी कि दर्शक भी उससे आसानी से जुड़ जाते थे, लेकिन अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में उन्होंने बहुत कंगाली देखी. उनकी स्थिति इतनी खराब थी कि इलाज के भी पैसे नहीं थे. मीडिय रिपोर्ट्स की मानें तब अमिताभ बच्चन ने उनकी मदद की थी और उन्हें 20 लाख रुपये दिए थे. एके हंगल 13 अगस्त 2012 को बाथरूम में गिर गए थे, जिसके कारण काफी चोटें आई थीं. उसके बाद से वह ठीक नहीं हो पाएं. रिपोर्ट्स के मुताबिक एके हंगल बेटे के साथ एक खंडहर जैसे घर में रहते थे.उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे. आखिरकार उनका निधन हो गया.
सतीश कौल लगभग 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाला यह अभिनेता जीवन के अंतिम दिनों में पाई-पाई को मोहताज हो गया. अपने जीवन की अंतिम दिनों में इस अभिनेता ने कई फिल्मी सितारों से मदद मांगी, मगर बॉलीवुड में जो एक मदद का हाथ आगे बढ़ा, वह सिर्फ जैकी श्रॉफ का था. एक्टर ने अपने जीवन के अंतिम समय लुधियाना के स्वामी विवेकानंद वृद्ध आश्रम में बिताया, जहां 10 अप्रैल 2021 को उनकी मौत हो गई. एक पंजाबी टीवी इंटरव्यू में सतीश कौल ने अपने जीवन के बारे में खुलकर बात की थी और कहा था कि वे अब बिल्कुल लाचार हैं. पंजाबी फिल्म उद्योग में उनकी सफल फिल्मों में सस्सी पुन्नू (1983), पटोला (1987) और मिशन 2017 हल्ला हो (2017) शामिल हैं.
भोजपुरी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस मिताली शर्मा की शुरू में फिल्में बहुत लोकप्रिय हुईं, जिसकी वजह से निर्माता और निर्देशक उन्हें अन्य एक्ट्रेस की तुलना में ज्यादा तवज्जो देते. जब एक्ट्रेस की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार फ्लॉप हुईं, तो उनसे धीरे-धीरे फिल्म मेकर्स कन्नी काटने लगे. एक वक्त ऐसा आया कि उन्हें काम मिलना बिल्कुल बंद हो गया. वे असफलता बर्दाश्त नहीं कर पाईं, जिसका असर उनकी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ मानसिक हालत पर भी पड़ा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मिताली शर्मा मुंबई के लोखंडवाला में भीख मांगने लगी थीं. ऐसी खबरें भी आईं कि उन्हें सड़क पर चोरी करते हुए पकड़ा गया. उन्हें मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और मानसिक हालत सही नहीं होने की वजह से पुलिस ने उन्हें ठाणे स्थित पागलखाने में भर्ती करा दिया. खबरों की मानें तो मिताली शर्मा दिल्ली से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने मॉडलिंग भी की है. वे एक्ट्रेस बनने की चाहत में घर छोड़कर मुंबई आ गई थीं, जिसके बाद परिवार ने उनका साथ छोड़ दिया