छावा मे औरंगजेब बने अक्षय खन्ना की पूरी कहानी।

विकी कौशल की हालिया रिलीज छावा ने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचाया हुआ है सिनेमा घर से वीडियोस आ रहे हैं जहां लोग फिल्म देखकर इमोशनल हो रहे हैं एक वीडियो आया जहां किसी शख्स ने औरंगजेब को देखकर सिनेमा घर का पर्दा तक फाड़ डाला मतलब औरंगजेब बने अक्षय खन्ना ने पर्दा फार टाइप काम किया है लेकिन उस बात को लिटरली नहीं लेना था फिल्म ने उन्हें सीमित फुटेज दिया है लेकिन उसके बावजूद उनका काम निखर कर आया.

सोशल मीडिया इस बात से भरा हुआ है कि कैसे वह इस जनरेशन के बेस्ट एक्टर हैं लोग अक्षय को नए सिरे से डिस्कवर कर रहे हैं दूसरी ओर मुमकिन है कि अक्षय इस तमाम चर्चा से दूर हो अपने अलीबाग वाले घर में सुस्ता रहे हो स्क्वाश खेल रहे हो उनकी थकान उतारने के लिए ग्रीन टी की चुस्कियां ले रहे हो अक्षय कैसा महसूस कर रहे हैं.

कैसे रिएक्ट कर रहे होंगे इसका ठोस जवाब तो किसी के पास नहीं है यही वजह है कि एक बार शाहरुख खान ने अक्षय के लिए कहा था उनके बारे में एक विचित्र सा रहस्य है जो उनकी एक्टिंग में प्रतिबिंबित होता है छावा के बंपर कामयाबी के बहाने हमने अक्षय खन्ना को फिर से जानने की कोशिश की उनके करियर और उनके किस्सों से जुड़े गलियारों में उतरे उनसे जुड़े कुछ सुने कम सुने और अनसुने किस्से निकाले यहां आपको वो किस्से नहीं मिलेंगे जिन्हें अनंत बार दोहराया जा चुका है कि कैसे दिल चाहता है मैं वो पहले आमिर वाला रोल करने वाले थे या कैसे करीना को उन पर क्रश था यहां पर आप जानेंगे कि उनकी फिल्म देखकर राष्ट्रपति रोने क्यों लगे.

एक ताई की वजह से कैसे वो ऐश्वर्या और अनिल कपूर का शूट छोड़ने वाले थे तो चलिए बने रहिए इस वीडियो में बचपन में अक्षय का पढ़ाई में मन नहीं लगता था वो याद करते हैं कि जब पिता के साथ उनकी फिल्म के किसी सेट पर जाते तो वो एक यादगार अनुभव में तब्दील होता उनसे जितने भी इंटरव्यूज में क्लिश सवाल पूछा कि आप एक्टर क्यों बने तो इस पर अक्षय का साफ सिंपल सा जवाब रहता क्योंकि मैं इसके अलावा कुछ और नहीं कर सकता था मुझे और कुछ नहीं आता था पिता की तरह अक्षय को भी फिल्मों में आना था यह इच्छा इतनी प्रबल थी कि उन्हों ने जानबूझकर जूनियर कॉलेज में फर्स्ट ईयर की परीक्षा छोड़ दी मन में आभास था कि परीक्षा की कोई तैयारी नहीं है अगर इम्तिहान में बैठे तो बुरी तरह फेल होंगे तब उम्र रही होगी करीब 17 साल खुद को मनाया कि अब एक्टिंग ही करनी है लेकिन डर हाथ पसारे इंतजार कर रहा था कि घर वालों को कैसे बताया जाए दिल में व्याप्त हुए इस भय के चलते अक्षय शब्दों को अपनी जुबान तक नहीं ला पा रहे थे फिर एक दिन घर वालों से आखिरकार बात कर ही ली गई वो नाराज हुए ठेस भी पहुंची.

उनका मानना था कि तुम अभी इस इंडस्ट्री के लिए बहुत छोटे हो अक्षय ने अपना पक्ष रखा किसी तरह मनाया और घर वालों के पास राजी होने के सिवा कोई रास्ता ही नहीं बचाता पिता विनोद खन्ना ने बेटे की पहली फिल्म को प्रोड्यूस करने का फैसला किया डायरेक्टर की तलाश शुरू हुई पंकज पराशर पर जाकर सुई रुकी पंकज एक इंटरव्यू में बताते हैं कि विनोद खन्ना ने उनके सामने कुछ शर्तें रखी पहली तो यह एक लव स्टोरी होगी दूसरा इसकी कहानी हनी ईरानी लिखें और तीसरा कि अनु मलिक म्यूजिक बनाएंगे पंकज को कोई आपत्ति नहीं थी.

उन्होंने अक्षय से मिलने की इच्छा जताई यहां उनके सामने पहली चुनौती आई वो बताते हैं कि अक्षय की हिंदी दुरुस्त नहीं थी सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में पंकज बताते हैं उनकी हिंदी अच्छी नहीं थी वह ज्यादा हिंदी नहीं बोलते थे उनके विचार अंग्रेजी में होते पर वोह एक नेचुरल एक्टर थे पहले दिन जब हमने उन्हें पढ़ने के लिए डायलॉग दिया तब मुझे यह देखकर खुशी हुई कि वह एक एक्टर हैं वोह सिर्फ 19 साल के थे और उन्होंने अच्छा काम किया हिमालय पुत्र के नाम से अक्षय की यह डेब्यू फिल्म रिलीज हुई विनोद खन्ना ने फिल्म का बड़ा प्रीमियर रखा वो पहली फिल्म से ही बेटे अक्षय को स्टार बनाना चाहते थे मगर ऐसा हो ना सका क्योंकि हिमालयपुत्र बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम से जा गिरी थी अगर किस्मत जैसी कोई चीज होती है तो एक मामले में अक्षय लकी रहे अपने डेब्यू वाले साल में ही उन्होंने फिल्मी दुनिया के दोनों ध्रुव देख लिए उनकी पहली फिल्म हिमालय पुत्र 1997 में रिलीज हुई यह बॉक्स ऑफिस पर बिल्कुल भी नहीं चली.

हालांकि हिमालय पुत्र पर काम करने की के दौरान ही अक्षय एक मल्टीस्टारर फिल्म की शूटिंग भी कर रहे थे जेपी दत्ता 1971 के भारत और पाकिस्तान युद्ध पर केंद्रित एक फिल्म बना रहे थे इसका टाइटल था बॉर्डर सनी देओल सुनील शेट्टी और जैकी श्रॉफ जैसे एक्टर्स इस फिल्म का हिस्सा थे बॉर्डर में लेफ्टिनेंट धर्मवीर का एक किरदार था जिसके लिए जेपी दत्ता को किसी यंग एक्टर की जरूरत थी पहले वो सलमान खान के पास गए सलमान ने किसी वजह से मना कर दिया फिर अक्षय खन्ना से पहले पॉपुलर हुए एके यानी कि आमिर खान और अक्षय कुमार को यह रोल ऑफर किया गया आमिर उन दिनों इंद्र कुमार की फिल्म इश्क के लिए शूट कर रहे थे डेट्स की वजह से वहां बात नहीं बनी दूसरी ओर अक्षय भी हामी नहीं भर पाए उसके बाद जेपी दत्ता पहुंचे अजय देवगन के पास पुराने आर्टिकल्स में पढ़ने को मिलता है कि अजय एक बात को लेकर चिंतित थे कि यह एक मल्टीस्टारर फिल्म है और उन्हें लीड रोल लायक स्पेस नहीं मिलेगी इस बात का हवाला देकर उन्होंने भी बॉर्डर को मना कर दिया.

अंत में यह रोल पहुंचा अक्षय खन्ना के पास अक्षय इस रोल में जो नयापन जो रॉनेस लाए वो शायद कोई बड़ा स्टार नहीं ला पाता यही फिल्म के हित में कारगर भी साबित हुआ अक्षय बताते हैं कि उनके आसपास के लोग यह फिल्म करने से खुश नहीं थे अक्षय एक पुराने इंटरव्यू में कहते हैं कई बार लोग कुछ फैसलों को रिस्क की तरह देखते हैं मैं बॉर्डर में एक न्यू कमर था और मेरे आसपास इतने बड़े सुपरस्टार्स थे मुझसे काफी लोगों ने कहा कि इतने बड़े स्टार्स के बीच स्क्रीन शेयर करना बेवकूफी होगी अक्षय ने ऐसे सभी परामर्श को अनसुना किया हिमालय पुत्र देखकर कई तीक्स का कहना था कि अक्षय का भविष्य खतरे में है कुछ महीनों बाद बॉर्डर आई और उन्हें अपनी राय बदलनी पड़ गई उस समय फिल्मों को एक साथ पूरे देश में रिलीज नहीं किया जाता था.

फिल्मों के राइट्स टेरिटरी के हिसाब से बिकते थे बॉर्डर की हर टेरिटरी के राइट्स करीब ढ करोड़ के आसपास में बिके थे फिल्म ने हर टेरिटरी से 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई की साल 2023 में एक हिंदी फिल्म आई थी हंगामा नाम से प्रदर्शन फिल्म के डायरेक्टर थे कास्ट में परेश रावल अक्षय खन्ना आफताब शिवदासानी और रिमी सेन जैसे नाम थे इस फिल्म में अक्षय ने जीतू नाम के लड़के का रोल किया था माता-पिता की बात मानने वाला आज्ञाकारी बेटा अपना बिजनेस शुरू करने के लिए पिता से पैसे मांगता है पिता नहीं मानते ऊपर से खींच कर कहते हैं कि चाहे चोरी कर लो पर मैं पैसे नहीं दूंगा जी तू यही करता है वो दूसरों की जय से पहले खुद की जय करें कि सिद्धांत का पालन करते हुए अपने ही घर में चोरी कर डालता है.

इलेक्ट्रॉनिक शोरूम खोलता है यहां से उसके नाम जीतू के आगे वीडियो कौन जुड़ जाता है लेकिन जीतू सिर्फ कोई उद्योगपति नहीं बनना चाहता वो रजक प्यार करना चाहता है तभी राधेश्याम तिवारी के सामने ललकार हुए कहता है हमारे प्यार को दौलत की तराज में मत तोलो राधेश्याम तिवारी पूंजीवादी राधेश्याम तिवारी उसे हट भिकारी कहकर चुप करा देता है जीतू उस फ्रेम से बाहर निकल जाता है ताकि हमेशा के लिए जनता के मानस पटल में दर्ज हो सके खैर हंगामे ऐसी फिल्म बनी जिसने मीम कल्चर में खूब प्यार पाया जीतू वीडियो कॉल भैया में भैया सरी के फिगर बन गए हालांकि यह पहला मौका नहीं था जब प्रियदर्शन और अक्षय खन्ना ने साथ में काम किया हो इन दोनों की साथ में पहली फिल्म थी डोली सजा के रखना साल 1998 में आई थी इस फिल्म का गाना किस्सा हम लिखेंगे महा पॉपुलर हुआ यह तमिल एक्ट्रेस ज्योतिका की पहली हिंदी फिल्म भी थी प्रियदर्शन को इस फिल्म से बहुत उम्मीदें थी लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई प्रियदर्शन का मनोबल टूट गया वो एक पुराने इंटरव्यू में याद करते हैं मुझे यकीन था कि डोली सजा के रखना चलेगी लेकिन जब ऐसा नहीं हु हुआ तो मैं में चला गया अक्षय से 1 साल बाद फरदीन खान ने सिनेमा में डेब्यू किया उनकी पहली फिल्म प्रेम अगन थी तेजाबी डायलॉग वाली फिल्म जिसका इस्तेमाल आज मीम्स में होता है फरदीन के पिता फिरोज खान इस फिल्म के डायरेक्टर थे हालांकि वोह पहले अक्षय खन्ना के साथ इस फिल्म को बनाना चाहते थे अक्षय और ममता कुलकर्णी को साइन भी कर लिया गया.

लेकिन किसी वजह से यह फिल्म अटक गई इस दौरान फिरोज ने अपनी अगली फिल्म जानशीन शुरू कर दिया यहां भी वह अक्षय और ममता को ही लेना चाहते थे उस फिल्म पर काम शुरू होने ही वाला था कि फरदीन ने पिता के सामने एक्टर बनने की इच्छा रखी अब जानशीन को रोक दिया गया नए सिरे से प्रेम अगन को शुरू किया गया लीड रोल में फरदीन खान और मेघना कुठारी थे इन दोनों की ही ये पहली फिल्म थी प्रेम अगन में भले ही फरदीन ने अक्षय को रिप्लेस किया था लेकिन कुछ साल बाद इसका ठीक उल्टा हुआ अब्बास मुसन रेस नाम की फिल्म बना रहे थे फिल्म में रणवीर और राजीव नाम के दो भाई थे रणवीर के रोल के लिए सैफ अली खान को फाइनल किया गया राजीव के रोल के लिए मेकर्स फरदीन के पास पहुंचे फरदीन मान गए हालांकि वोह उस दौरान साजिद खान की हे बेबी पर भी काम कर रहे थे अक्षय कुमार की डेट्स की वजह से हे बेबी रुकी हुई थी अक्षय कुमार की डेट्स मिलते ही मेकर्स तुरंत शूट करना चाहते थे अब फर्दीन असमंजस में थे रेस और हे बीबी की शूटिंग क्लैश होने वाली थी.

वो एक ही फिल्म कर सकते थे उन्होंने हे बीबी को चुना अब रेस के मेकर्स को दूसरा एक्टर ढूंढना था उन्हें अक्षय खन्ना का नाम ध्यान आया अक्षय उस दौरान नकाब नाम की एक फिल्म कर रहे थे इसे अब्बास मुस्त ही बना रहे थे सेट पर उन्हें कहानी सुनाई गई और अक्षय रेस करने के लिए राजी हो गए ये उनके करियर की बड़ी फिल्म साबित हुई बॉलीवड ंगामा के मुताबिक रेस ने दुनिया भर से ₹ करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था अक्षय खना के करियर के शुरुआती दौर में ज्यादा इंटरव्यूज नहीं मिलते उनके अधिकांश इंटरव्यू साल 2016 के बाद के हैं जब उन्होंने डिशुम से कम बैक किया था उन्होंने माना कि उन्हें मीडिया से ज्यादा बातचीत करनी चाहिए थी क्योंकि व उनकी फिल्म को प्रमोट करने का जरि ही है हालांकि उनके जितने भी पुराने इंटरव्यूज मिलते हैं उनमें से ज्यादातर अंग्रेजी भाषी इंटरव्यूज में एक शब्द का बार-बार इस्तेमाल होते हुए दिखता है.

उसका नाम है कैंडोर ईमानदारी और स्पष्टता से बात कहने वाले इंसान के लिए यह शब्द इस्तेमाल होता आया है जर्नलिस्ट और फिल्म मेकर खालिद मोहम्मद ने अक्षय पर एक प्रोफाइल लिखी थी वहां एक किस्सा बताया ताल रिलीज होने वाली थी उससे पहले फिल्म के एक्टर्स ऐश्वर्या राय अनिल कपूर और अक्षय खन्ना के साथ फिल्मफेयर मैगजीन का कवर फोटो शूट होना था खालिद याद करते हैं कि अक्षय उस समय बहुत बेचैन थे दरअसल उनकी जैकेट के साथ जो मैच करने वाली नेक टाई आई थी वो उन्हें पसंद नहीं आ रही थी अक्षय इस हद तक नाराज हो गए कि शूट छोड़कर जा रहे थे तब किसी तरह सुभाष घई ने उन्हें मनाया और शूट पूरा किया अक्षय के बड़े भाई राहुल खन्ना ने उनसे पहले फिल्मों में काम शुरू कर दिया था उनकी फिल्मोग्राफी में ज्यादातर आर्ट या ऑफबीट फिल्मों के नाम दर्ज हुए अक्षय ने आर्ट और कमर्शियल सिनेमा के बीच एक बैलेंस बनाकर रखा जिस साल उनकी नकाब जैसी टिपिकल थ्रिलर फिल्म रिलीज हुई उसी साल गांधी माय फादर आई यह उनके सबसे मकबूल कामों में से एक है यह मोहनदास गांधी और उनके सबसे बड़े बेटे हरीलाल के जटिल रिश्ते पर आधारित थी दुनिया भर ने उस इंसान को एक महात्मा की तरह देखा.

लेकिन उनका अपना बेटा किस रोशनी में पिता को देखता था यह फिल्म का प्लॉट था गांधी माय फादर को अनिल कपूर ने प्रोड्यूस किया था अनिल और अक्षय ने ताल में भी साथ में काम किया था तभी से दोनों की अच्छी दोस्ती थी फिल्म का प्रीमियर दक्षिण अफ्रीका में रखा गया यही वो धरती थी जहां गांधी ने खुद को खोजा नेल्सन मंडेला भी फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने वाले थे लेकिन तबीयत की वजह से नहीं आ सके लेकिन वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति थाबम विवेकी ने पूरी फिल्म देखी अक्षय बताते हैं कि फिल्म देखते हुए राष्ट्रपति लगातार रो रहे थे अक्षय खन्ना ने 19 साल की उम्र में डेब्यू किया था यह ऐसी उम्र थी जहां आपके सामने जीतने के लिए पूरी दुनिया है और हारने के लिए कुछ नहीं है लेकिन अक्षय को इसी उम्र में बड़ी चोट लगी उनकी प्रीमेच्योर बल्डिंग शुरू हो गई यानी समय से पहले बाल भड़ने लगे वो उस इंडस्ट्री का हिस्सा थे जहां सबसे पहले आपका चेहरा बिकता है अक्षय के साथ ये हो रहा था मगर उन्होंने इसे छुपाने की कोशिश नहीं की साल 2020 में मिडडे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस दौर पर बात की थी अक्षर ने बताया था ये मेरे साथ बहुत कम उम्र में होने लगा था ये मेरे लिए ऐसा था जैसे किसी पियास ने अपनी उंगलियां खो दी हो तब मुझे ऐसा ही महसूस होता था ये वैसा ही था कि आप सुबह उठे और अखबार में छपा कुछ भी नजर नहीं आ रहा आप खुद से कहें कि मुझे चश्मे की जरूरत है इसका आप पर गहरा असर पड़ता है है आपका दिल टूट जाता है क्योंकि एक एक्टर होने के नाते आप जैसे दिखते हैं वो बहुत मायने रखता है 1920 साल की उम्र में जब ऐसा होता है तो लगता है जैसे दुनिया खत्म हो गई ये मानसिक रूप से आपको खत्म कर सकता है इससे मेरे आत्मविश्वास को भी चोट पहुंची थी उस समय मुझे ऐसा नहीं लगता था लेकिन इसने मुझ पर गहरा असर छोड़ा है अक्षय खन्ना को लेकर लोगों के दिमाग में कई तरह के आइडियाज बने रहते हैं कोई पूछता है कि शर्मीले हैं.

इसलिए मीडिया में नहीं आते अक्षय कहते हैं कि ऐसा नहीं है वो खुद को एक्स्ट्रो वर्ट की बिरादरी में गिनते हैं किसी की शिकायत रहती है कि अक्षय इतनी कम फिल्में क्यों करते हैं उस पर अक्षय ने एक बार कहा था कि हल्के काम से परेशान हो गए थे अच्छा काम मिलेगा तो वह करते रहेंगे छावा में उनका काम बहुत पसंद किया जा रहा है उम्मीद है कि वह स्क्रीन पर और भी ज्यादा नजर आते रहेंगे.

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